Begane Mausam (Hindi poetry)


बेगाने मौसम
(Begane Mausam)
by Ramesh Joshi

Author of कर्ज़े के ठाठ (Karze ke Thaath), रामधुन (Ramdhun), रास्ते में अटकी उपलब्धियां (Raaste Mein Ataki Uplabdhiyaan), माई लेटर्स टु जार्ज बुश (My Letters To George Bush), बेगाने मौसम (Begane Mausam), पिता (Musings of a Father)

Type: Print Book (paperback)
ISBN: 978-81-920743-2-0 (paperback)
Genre: Hindi / Poetry
Language: Hindi
Pages: 96
Price: Rs 120 (India) / US $4.99 (Worldwide)

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ABOUT THE AUTHOR - Ramesh Joshi

रमेश  जोशी
1942 को चिड़ावा (झुंझुनू-राजस्थान) में जन्म । राजस्थान विश्वविद्यालय के हिन्दी में एम.ए. और भोपाल विश्वविद्यालय से बी.एड.; पोरबंदर से पोर्ट ब्लेयर तक देश के विभिन्न विद्यालयों में हिन्दी शिक्षण । सन 2002 में केंद्रीय विद्यालय नं. 3, जयपुर से उप-प्राचार्य के पद से सेवानिवृत्त । सन 1958 से देश के स्तरीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में व्यंग्य रचनाएँ प्रकाशित । आकाशवाणी राजकोट, जयपुर, पोर्टब्लेयर, दिल्ली से व्यंग्य रचनाएँ प्रसारित । दिल्ली, पोर्टब्लेयर,सीकर, बेंगलुरु की कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित ।

प्रकाशित कृतियाँ- कर्जे के ठाठ (व्यंग्य कुंडलिया संग्रह, 1996), रामधुन (व्यंग्य कुंडलिया संग्रह, 1998), रास्ते में अटकी उपलब्धियाँ (व्यंग्य निबंध संग्रह, 2009). पिता (किंडल 2011), माई लेटर्स टु जार्ज बुश (व्यंग्य लेख 2011), बेगाने मौसम (गज़ल/गीतिकाएँ 2011) । तीन अन्य संकलन प्रकाशनाधीन ।

कर्जे के ठाठ, रामधुन (व्यंग्य कुंडलिया संग्रह )
‘कुंडलिया छंद में अपने समय की सभी विडंबनाओं पर मारक व्यंग्य करती साहसी रचनाएँ’ – कादम्बिनी


रास्ते में अटकी उपलब्धियाँ ( व्यंग्य निबंध )
‘व्यंग्यकार की सूक्ष्म और तीक्ष्ण दृष्टि से कोई भी छोटी-बड़ी घटना में निहित विडंबना बच नहीं पाती है ...जोशी का रचना संसार समुद्र की तरह है जो कभी घटने वाला नहीं है...जोशी का लेखन भयावह चित्र कथाओं वाला एक दर्पण है....सत्ता-संस्कृति का बहिष्कार करने वाले जोशी की यह पुस्तक हमें तनाव देने के साथ-साथ गुदगुदाने में भी समर्थ है’ – इण्डिया टुडे


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